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राजस्व न्यायालयों में ऑनलाइन फाइलिंग के विरोध में अधिवक्ताओं का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

केकड़ी-राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों की पालना में राजस्व मंडल अजमेर द्वारा अधीनस्थ राजस्व न्यायालयों में वाद-प्रकरणों को ऑनलाइन प्रस्तुत करने के निर्णय के विरोध में बार एसोसिएशन केकड़ी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने कड़ा रोष जताया। बार एसोसिएशन केकड़ी के अध्यक्ष सीताराम कुमावत के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन उपखंड अधिकारी दीपांशु सांगवान को सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि ऑनलाइन करने का निर्णय लेने से पूर्व न तो राजस्व अभिभाषक संघ अजमेर से और न ही राजस्थान के किसी भी बार संघ के अध्यक्ष या सचिव से कोई विचार-विमर्श किया गया। साथ ही बिना रेवेन्यू कोर्ट मैनुअल में आवश्यक संशोधन किए इस व्यवस्था को लागू किया गया है, जो विधिक प्रावधानों के विपरीत है। 


अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि इस एकतरफा निर्णय से प्रदेश के काश्तकारों, विशेषकर गरीब किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा तथा अधिवक्ता समुदाय के अधिकारों का भी हनन होगा। ज्ञापन में मांग की गई कि विभिन्न राजस्व न्यायालयों में प्रस्तुत प्रकरणों की पत्रावलियों को न्यायालय के कर्मचारियों द्वारा ही ऑनलाइन किए जाने के आदेश जारी किए जाएं। विरोध के तौर पर अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार करते हुए प्रदर्शन भी किया। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान अध्यक्ष सीताराम कुमावत, नवलकिशोर पारीक, महासचिव समकित जैन, कोषाध्यक्ष रवि पंवार, आशुतोष शर्मा, मुकेश शर्मा, रोडुमल सोलंकी, डीएल वर्मा, इमदाद अली, आदित्य सिंह, रविंद्र मेवाड़ा, शिवप्रकाश चौधरी, भावेश जैन, पवन राठी, परवेज नकवी, राजेश पाराशर, सानिया सेन, विजेंद्र पाराशर, लतीफ मोहम्मद, अनिल शर्मा, अभिनव शर्मा, अजीत जैन आदि मौजूद थे।

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