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जिला दर्जा छीने जाने की बरसी पर अधिवक्ताओं का गुस्सा फूटा, कोर्ट परिसर से सड़कों तक गूंजी नारेबाजी, ब्लैक डे बनाकर जताया विरोध

 केकड़ी- राज्य सरकार द्वारा केकडी जिले को निरस्त करने के बाद से ही जिला बार एसोसिएशन केकडी द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन के तहत गुरूवार को जिला हटाने की मासिक बरसी पर अधिवक्ताओ ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस मौके पर अधिवक्ताओ ने राज्य की भजनलाल सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए शहर में विरोध रैली निकाली तथा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर केकडी को फिर से जिले का दर्जा दिलाने की मांग की। कोर्ट परिसर में अधिवक्ताओ ने सुबह धरना प्रदर्शन किया तथा सरकार के खिलाफ लामबंद होकर केकडी को फिर से जिला बनवाने की हुंकार भरी। 


इस मौके पर आन्दोलन को समर्थन देने वाले केकडी क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक संगठनो के पदाधिकारियो को भी कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया। कोर्ट परिसर में नारेबाजी करते हुए अधिवक्ता आमजन के साथ मिलकर रैली के रूप मेें शहर के विभिन्न मार्गो से होकर गुजरे, इस दौरान रैली में अधिवक्ताओ ने राज्य की भजनलाल सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा सरकार से केकडी को फिर से जिले का दर्जा देने की मांग की। रैली कोर्ट परिसर से प्रारम्भ होकर तीन बत्ती चौराहा, अजमेरी गेट, घण्टाघर, सदर बाजार, खिडकी गेट, सरसडी गेट, बस स्टेण्ड होते हुए वापस कोर्ट परिसर पहुंची जहां उपखण्ड अधिकारी सुभाषचन्द्र हेमानी को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में अधिवक्ताओ ने बताया कि अजमेर जिले से अत्यधिक दूरी और केकडी की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए ही केकडी को जिला बनाया गया था लेकिन भजनलाल सरकार ने एक साल के भीतर ही केकडी से जिले का दर्जा छीनकर केकडी की जनता के साथ कुठाराघात किया है जिसे जनता कभी नहीं भूल सकती। उन्होंने बताया कि जिला हटने से केकडी में विकास की गति रूक गयी है तथा आमजन को सरकारी कामकाजो के लिए अजमेर जिला मुख्यालय की लम्बी दूरी तय करनी पड रही है जिससे जनता परेशान है।


 ज्ञापन में बताया कि सरकार का कर्त्तव्य है कि जनता की परेशानियों को कम करे लेकिन सरकार के एक फैसले से जनता की परेशानियां बढ गयी है। ज्ञापन के माध्यम से केकडी को फिर से जिले का दर्जा देने की मांग की गई। ज्ञापन सौंपने के दौरान बार अध्यक्ष मनोज आहूजा, एसीसीबी अध्यक्ष मदनगोपाल चौधरी, वरिष्ठ अधिवक्ता बद्रीविशाल दाधीच, मोहम्मद सईद नकवी, हेमन्त जैन, सुरेन्द्र सिंह राठौड, पवन भाटी, रामवतार मीणा, लक्ष्मीचंद मीणा, सलीम गौरी, परवेज नकवी, सीताराम कुमावत, मुकेश शर्मा सहित आर्य समाज के अशोक आर्य, सामाजिक कार्यकर्ता रामावतार सिखवाल, श्योजीराम माली, सज्जन बोयत आदि मौजूद थे।

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