केकड़ी में क्लिनिकल पल्मोनोलॉजी पर दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ
केकड़ी। यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ होम्योपैथी, केकड़ी (डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर का संघटक महाविद्यालय) के सेंटर फॉर ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट (सीएचआरडी) केकड़ी यूनिट एवं प्रैक्टिस ऑफ मेडिसिन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण–सह–कार्यशाला “स्नातक विद्यार्थियों के लिए अनुप्रयुक्त क्लिनिकल पल्मोनोलॉजी” का प्रथम दिवस को पुराना सीएचसी भवन स्थित में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कार्यशाला का आयोजन विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. (वैद्य) गोविंद सहाय शुक्ल के प्रेरणादायी मार्गदर्शन में किया गया, जिसमें बीएचएमएस स्नातक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रथम दिवस का शुभारंभ पंजीकरण के उपरांत उद्घाटन सत्र एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर डॉ. नवीन कुमार जांगिड़ तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, केकड़ी शाखा के अध्यक्ष श्री रामगोपाल सैनी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर ऑनलाइन माध्यम से यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ होम्योपैथी, केकड़ी के नोडल अधिकारी एवं संजीवनी अस्पताल, जोधपुर के मेडिकल सुपरिटेंडेंट प्रो. (डॉ.) गोविंद प्रसाद गुप्ता ने प्रेरक आशीर्वचन दिए। वहीं सीएचआरडी जोधपुर के निदेशक डॉ. राकेश कुमार शर्मा ने ऐसे अकादमिक आयोजनों को विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं व्यावहारिक विकास के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
कार्यक्रम के दौरान इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, केकड़ी शाखा द्वारा विराट तेजा मेला–2025 में सेवाएं देने वाले चिकित्सकों, नर्सिंग कर्मियों एवं विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके पश्चात सीएचआरडी निदेशक एवं होम्योपैथिक फार्मेसी विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार मीणा ने कार्यशाला की रूपरेखा एवं उद्देश्यों पर संक्षिप्त प्रकाश डाला।
प्रथम तकनीकी सत्र में जिला चिकित्सालय, केकड़ी के चेस्ट मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. देवेंद्र कुमार शर्मा ने “इमरजेंसी पल्मोनोलॉजी: क्लिनिकल एप्रोच एवं प्रबंधन” विषय पर व्याख्यान दिया। द्वितीय सत्र में डॉ. लोकेश वर्मा ने “लक्षण आधारित क्लिनिकल एप्रोच द्वारा फेफड़ों के रोगों का निदान” विषय पर विस्तार से चर्चा की। तृतीय सत्र में प्राचार्य एवं मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. पुनीत आर. शाह ने “विभिन्न श्वसन रोगों में मियाजमैटिक विश्लेषण” विषय पर सारगर्भित व्याख्यान प्रस्तुत किया। चतुर्थ सत्र में प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. अमिया नंद देव गोस्वामी द्वारा पल्मोनरी रोगों पर केस डिस्कशन किया गया, जिससे विद्यार्थियों को व्यावहारिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम का संपूर्ण आयोजन एवं सफल संचालन आयोजन सचिव डॉ. पुनीत आर. शाह के कुशल नेतृत्व में संपन्न हुआ। कार्यशाला के समन्वय में डॉ. राजेश कुमार मीणा, डॉ. अंशुल चाहर, डॉ. प्रकाश एवं डॉ. साक्षी शर्मा का विशेष योगदान रहा। समापन सत्र में सभी वक्ताओं, आयोजकों एवं प्रतिभागी विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

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