Header Ads

test

नौ दिवसीय सैन्य शिविर से लौटे छात्र, सेना में करियर को लेकर बढ़ा उत्साह

 केकड़ी। गुजरात के राजकोट जिले की उपलेटा तहसील के प्रांसला गांव में भारतीय सेना एवं अर्द्धसैनिक बलों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 26वें राष्ट्र कथा शिविर में जिलेभर के 15 विद्यार्थियों ने नौ दिवसीय सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण उपरांत सभी विद्यार्थी उत्साह और अनुशासन के साथ अपने गृह जनपद लौटे।


इस प्रशिक्षण दल का नेतृत्व निकटवर्ती ग्राम मण्डा स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक दिनेश कुमार वैष्णव तथा शहीद शंकरसिंह राठौड़ राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, भोगादित (अराईं) की शिक्षिका मंजू चौधरी ने किया। शिविर में अजमेर जिले के विभिन्न विद्यालयों से चयनित विद्यार्थी—आशीष गुर्जर, दीपक, गौतम प्रजापत, हनुमान खटाना, जितेन्द्र गोस्वामी, कमल गुर्जर, लोकेश गुर्जर, मुकेश प्रजापत, रोहित मुंडोतिया, रोहित रैदास, विक्रम प्रजापत, नेहा परेवा, सेजल कंवर, मोनिका प्रजापत एवं हंसा बैरवा शामिल रहे।


शिविर में देश के सभी राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों से आए लगभग 16 हजार विद्यार्थियों को सेना एवं अर्द्धसैनिक बलों में उपलब्ध करियर अवसरों, भर्ती प्रक्रिया और चयन की पूर्व तैयारी से अवगत कराया गया। विभिन्न सत्रों में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों, देश के उच्चतम एवं उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों, इसरो के वैज्ञानिकों, अर्थशास्त्रियों, राजनेताओं एवं अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने विद्यार्थियों को राष्ट्रसेवा और सुजाण नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।

शिविर के आयोजक एवं वैदिक मिशन ट्रस्ट के संस्थापक स्वामी धर्मबंधु ने कहा कि युवाओं में देशभक्ति, चरित्र निर्माण और राष्ट्रीय एकता की भावना को सुदृढ़ करना ही इस आयोजन का मूल उद्देश्य है।

शिविर के दौरान अग्निपथ योजना के माध्यम से अग्निवीर बनने सहित सेना एवं सभी अर्द्धसैनिक बलों में भर्ती प्रक्रिया की जानकारी दी गई। भारतीय नौसेना, भारतीय तटरक्षक, केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल, सीमा सुरक्षा बल, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल एवं रैपिड एक्शन फोर्स की मॉक ड्रिल व प्रदर्शनियां विद्यार्थियों के लिए विशेष आकर्षण रहीं। इस दौरान भारतीय वायु सेना के एयर शो ने सभी का मन मोह लिया। विद्यार्थियों को फाइटर जेट, हेलीकॉप्टर, टैंक, तोप और आधुनिक हथियारों को नजदीक से देखने का अवसर मिला, जो उनके लिए अविस्मरणीय अनुभव रहा।

साथ ही रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन, विक्रम साराभाई अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र तथा अंतरिक्ष उपयोग केन्द्र, अहमदाबाद की प्रदर्शनियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने नेविगेशन, सैटेलाइट, रिमोट सेंसिंग और संचार तकनीक की जानकारी प्राप्त की।

जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) उषा कच्छावा ने कहा कि इस प्रकार का प्रशिक्षण विद्यार्थियों में अनुशासन, धैर्य, साहस और सेवा भावना विकसित करता है, जिससे समाज में बढ़ती अनुशासनहीनता पर अंकुश लगेगा। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी केकड़ी गोपीलाल कीर ने भी इसे भावी पीढ़ी के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। वहीं अजमेर जिला प्रभारी दिनेश कुमार वैष्णव ने कहा कि राष्ट्र के युवा हमारी सबसे बड़ी धरोहर हैं—सही मार्गदर्शन मिलने पर वे देश के लिए असाधारण उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।

No comments